काव्य-सृजन
आओ! मिलकर हिंदी को आगे बढ़ाएं..जो विचार मन में दबे हैं उन्हें बाहर लाएं..ऐसी कल्पना जो अद्भुत हो..जो सबसे अलग हो उसको सामने लाएं..और जो इतिहास में महान कवि हुए हैं..उनको फिर से याद करें..उनकी पंक्तियों को फिर से दोहराएं..जिनकी कलम तलवारों से भी तेज़ चली..फिर से उन्हें काव्यांजलि चढ़ाएं..आओ! हिंदी को सवारे..आओ दोस्तों! मिलकर हिंदी को फिर से दुल्हन सा सजाएं..
Wednesday, October 9, 2024
आरम्भ हैं प्रचण्ड...
Saturday, September 14, 2024
रेनेसां क्लासेस जयपुर
अपने परिस्थितियों का लंबा सफर
और एक बहुत ही छोटा सा स्कोर..
झोला लेकर चल पड़े हैं कदम
आज ये रेनेशाॅ की ओर..
धुंधला रास्ता साफ मन
कल को बनाने मिटाने आज का छोर....
झोला लेकर चल पड़े हैं कदम
आज ये रेनेशाॅ की ओर...
कल अर्जुन का रथ कृष्ण ने हाका
आज ये कृष्ण धमाकर अपनी अर्जुन को डोर....
झोला लेकर चल पड़े हैं कदम
आज ये रेनेशाॅ की ओर....
Saturday, August 17, 2024
केमल कलर [व्यापार प्रचार विज्ञापन प्रतियोगिता] कक्षा 5
बबूल टूथ पेस्ट [व्यापार प्रचार विज्ञापन प्रतियोगिता] कक्षा 5
बबूल टूथ पेस्ट
आरम्भ हैं प्रचण्ड...
आरम्भ है प्रचण्ड, बोले मस्तकों के झुंड आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो आन बान शान या कि जान का हो दान आज इक धनुष के बाण पे उतार दो आरम्भ है प...
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यह वही इमारत है जिसकी आधी वफादार मैं हूंl जगती हूं हर रोज जल्दी तो देर यहां नहीं होती है बड़ा ही विचित्र लगाव है मेरे पति का इस दफ्तर से.. ज...