Monday, August 9, 2021

आप(स्वरचित)



मेरी सबसे कठिन परीक्षा है आप
तो मेरी सबसे सरल सफलता हैं आप
मेरा सबसे मजबूत विश्वास है आप
तो सबसे कोमल स्पर्श हैं आप
मेरा सबसे कीमती गहना है आप
मेरे हर रिश्ते की शिनाख्त हैं आप
क्या शिकायत करूंगी ऊपर वाले से...
मेरी जिंदगी के कुछ अधूरेपन की
उन्होंने आपको मेरा
बनाकर सब कुछ पूरा कर दिया।
कैसे नजर मिला पाऊंगी ऊपर वाले से कि...
इस नासमझ के लिए वह खुद आपके रुप में मेरा हो गया।।

आरम्भ हैं प्रचण्ड...

आरम्भ है प्रचण्ड, बोले मस्तकों के झुंड आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो आन बान शान या कि जान का हो दान आज इक धनुष के बाण पे उतार दो आरम्भ है प...