के वह सशक्त हस्ताक्षर हैं
जिनकी कलम में
दिनकर यानी सूर्य के समान
चमक थी lउनकी कविताएं सिर्फ़
उनके समय का सूरज नहीं हैं
बल्कि उसकी रौशनी से पीढ़ियां
प्रकाशमान होती हैंl
आप बिहार के
सिमरिया गांव से थेl
कहा जाता है
सिमरिया के गांव की हर दीवार पर आपकी पंक्तियां उकेरी हुई हैl
आप राज्यसभा की सदस्य रहे हुए हैंl
आप द्वितीय राष्ट्रकवि भी माने जाते हैंl

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