Sunday, February 21, 2021

#खूबसूरत पंक्तियां

" यूँ ही नहीं होती,
हाथ की लकीरों के आगे उँगलियाँ

रब ने भी किस्मत से पहले,
मेहनत लिखी है ..!!! "


- अज्ञात

आरम्भ हैं प्रचण्ड...

आरम्भ है प्रचण्ड, बोले मस्तकों के झुंड आज जंग की घड़ी की तुम गुहार दो आन बान शान या कि जान का हो दान आज इक धनुष के बाण पे उतार दो आरम्भ है प...