" यूँ ही नहीं होती,
हाथ की लकीरों के आगे उँगलियाँ
रब ने भी किस्मत से पहले,
मेहनत लिखी है ..!!! "
- अज्ञात
आओ! मिलकर हिंदी को आगे बढ़ाएं..जो विचार मन में दबे हैं उन्हें बाहर लाएं..ऐसी कल्पना जो अद्भुत हो..जो सबसे अलग हो उसको सामने लाएं..और जो इतिहास में महान कवि हुए हैं..उनको फिर से याद करें..उनकी पंक्तियों को फिर से दोहराएं..जिनकी कलम तलवारों से भी तेज़ चली..फिर से उन्हें काव्यांजलि चढ़ाएं..आओ! हिंदी को सवारे..आओ दोस्तों! मिलकर हिंदी को फिर से दुल्हन सा सजाएं..
मरुधरा का गौरव: ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक जोधपुर प्रस्तावना राजस्थान की वीर प्रसूता भूमि पर जब हम इतिहास के पन्ने पलटते हैं, तो मारवाड़ का ना...
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